प्रियंका गांधी का सवाल- छात्रों पर FIR जारी है तो एंटी पेपर लीक बिल का क्या मतलब?
- By Gaurav --
- Monday, 27 Jul, 2026
Priyanka Gandhi Questions Purpose
नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को केंद्र सरकार के प्रस्तावित एंटी-पेपर लीक कानून पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ अब भी एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, तो ऐसे कानून का उद्देश्य क्या रह जाता है।
संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की अपुष्ट जानकारी मिली है। उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि बिहार और बंगाल में छात्रों के खिलाफ अभी भी एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन यदि ऐसा है तो फिर इस कानून का क्या मतलब है?"
उनकी यह टिप्पणी संसद के मानसून सत्र से पहले आई है, जिसमें केंद्र सरकार 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' लोकसभा में पेश करने की तैयारी कर रही है।
इस बीच, संसद सत्र शुरू होने से पहले राजनीतिक माहौल भी गर्म है। विपक्षी सांसदों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले और 20 जुलाई को 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन किया।
विपक्ष ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव और राज्यसभा में कामकाज स्थगन नोटिस देकर इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की है। माना जा रहा है कि सरकार के विधायी एजेंडे के साथ यह मुद्दा भी दोनों सदनों में प्रमुख बहस का विषय रहेगा।
इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। यह टास्क फोर्स तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में कार्य करेगी और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और तकनीकी सुधारों के लिए सुझाव देगी।
यह घोषणा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद की गई है।